हमें अपने कार्यों के लिए योजनाएँ बनानी चाहिएँ, अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए क़दम उठाने चाहिएँ, लेकिन हमें ऐसा इच्छारहित होकर करना चाहिए। हमें ये सब अपना कर्तव्य समझकर, संसार में अपना कार्य समझकर करना चाहिए, लेकिन ये सब हमें समर्पण-भाव के साथ करना चाहिए। — संत राजिन्दर सिंह जी महाराज