यदि हम एक प्रसन्नचित्त रवैया रखकर काम पर जायें, वहाँ सबके साथ दोस्ताना व्यवहार करें, चाहे हमारे वरिष्ठ अधिकारी हों, या सहकर्मी, या हमारे अधीनस्थ कर्मचारी, तो हम अपने कार्यस्थल को स्वर्ग बना सकते हैं। — संत राजिन्दर सिंह जी महाराज