प्रभु के लिए समय निकालें
आज संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने प्रभु के साथ हमारे रिश्ते के बारे में और इस मानव चोले की देन के बारे में बताया, तथा समझाया कि हम इस चोले में मिले समय से पूरा-पूरा लाभ उठाकर अपने जीवन के उच्चतम उद्देश्य को कैसे पूरा कर सकते हैं।
हमारी आत्मा, जोकि परमात्मा का अंश है, को प्रभु से बिछुड़े अनेकों युग बीत चुके हैं। जब हमारी आत्मा को यह मानव चोला मिला, तो इसे एक सुनहरा अवसर प्राप्त हुआ जिसमें हमारी आत्मा अपने स्रोत के पास वापस लौट सकती है। लेकिन हम में से बहुत ही कम लोग ऐसे हैं जो इस दुर्लभ अवसर से लाभ उठाते हैं। अपनी भौतिक इंद्रियों के स्तर पर जीते हुए, हम इस संसार को ही सबकुछ समझते रहते हैं। हम प्रभु के बारे में तभी सोचते हैं जब हमें अपनी सांसारिक ज़रूरतें पूरी करनी होती हैं। हम प्रभु से प्रेम व आदर सहित प्रार्थना करते हैं, इस उम्मीद में कि हमारी प्रार्थना स्वीकार हो जाए। हम बाहरी संसार में ही प्रभु की तलाश करते रहते हैं, कठिन तीर्थयात्राएँ करते हैं, तरह-तरह के रीति-रिवाज़ करते हैं, और हैरान होते हैं कि प्रभु मिल क्यों नहीं रहे हैं।
आज संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने प्रभु के साथ हमारे संबंध, और प्रभु के हमारे लिए बिना-शर्त प्रेम के बारे में समझाया। प्रभु ईट-पत्थर से बनी इमारतों में निवास नहीं करते हैं; प्रभु इंसानी दिल के अंदर, हमारे अंदर, निवास करते हैं, महाराज जी ने फ़र्माया। प्रभु हमारी पहुँच में हैं, और हम में से हरेक प्रभु का अनुभव कर सकता है, अगर हम केवल सही दिशा में ध्यान दें। ध्यानाभ्यास की प्रक्रिया द्वारा हम प्रभु के प्रेम व प्रकाश का अनुभव कर सकते हैं , जिसमें हम अपने ध्यान को बाहरी संसार से हटाकर अपनी आंतरिक या तीसरी आँख पर केंद्रित करते हैं, जोकि रूहानी मंडलों में जाने का प्रवेशद्वार है। इस प्रवेशद्वार से दाखिल होकर हमारी आत्मा आंतरिक रूहानी मंडलों की यात्रा पर जा पाती है और प्रभु के साथ जुड़ जाती है। जिस तरह एक प्रेमपूर्ण माता-पिता अपनी संतान के लौटने की प्रतीक्षा करते हैं, वैसे ही प्रभु भी अपनी संतानों के सच्चे घर लौटने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। आइए हम संकल्प करें कि विभिन्न सांसारिक आकर्षणों और समय की व्यस्तताओं के बावजूद, हम हर दिन प्रभु के प्रेम व प्रकाश का अनुभव करने के लिए समय निकालेंगे। आइए हम हर दिन ध्यानाभ्यास के द्वारा, प्रभु के प्रति अपनी आत्मा के प्रेम को व्यक्त करने के लिए समय निकालें।