सभी सत्गुरुओं के प्रति कृतज्ञता

जुलाई 30, 2023

इस दोपहर, संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने स्पिरिच्युअल मास्टर्स डे (आध्यात्मिक गुरु दिवस) के अवसर पर लाइल, इलिनोई के एस.ओ.एस. इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में सत्संग फ़र्माया। दयाल पुरुष संत दर्शन सिंह जी महाराज द्वारा स्थापित ये दिन हर जुलाई के चौथे रविवार को मनाया जाता है। इस दिन हम उन सभी संतों-सत्गुरुओं का सम्मान करते हैं, और उनके प्रति कृतज्ञता दर्शाते हैं, जो आज तक इस धरती पर आकर मानवता को प्रभु के पास वापस जाने का मार्ग दिखलाते रहे हैं।

एक पूर्ण सत्गुरु की दया व मार्गदर्शन से, हम अपने सच्चे आत्मिक स्वरूप को जान जाते हैं। आत्म-ज्ञान के साथ ही हमारे अंदर अपने स्रोत के पास वापस जाने की सच्ची तड़प पैदा हो जाती है, और फिर हम प्रभु-प्राप्ति की ओर कदम बढ़ाते हैं – जोकि इस मानव चोले में आने का उच्चतम उद्देश्य है। ज़्यादातर लोग जीवन के इस उच्चतम उद्देश्य के बारे में सोचते ही नहीं हैं, और इस ज़िंदगी को केवल एक भौतिक यात्रा ही समझते हैं। लेकिन जब हम ध्यानाभ्यास के द्वारा आंतरिक ज्योति के साथ जुड़ जाते हैं, तो हम समस्त प्रेम व ख़ुशियों के स्रोत के साथ जुड़ जाते हैं। तब हमारा ध्यान इस भौतिक संसार के दुखों से हट जाता है और आंतरिक मंडलों की ख़ुशियों व आनंद पर एकाग्र हो जाता है।

प्रभु हम में से हरेक से बेहद प्रेम करते हैं, और बेहद प्यार के साथ हमारा इंतज़ार कर रहे हैं। हमें अपने सत्गुरु द्वारा दिखाए गए ब्लूप्रिन्ट पर अमल करना चाहिए, नैतिक सद्गुणों से भरपूर जीवन जीना चाहिए, और नियमित रूप से ध्यानाभ्यास करके प्रभु का अनुभव करना चाहिए। अगर हम महापुरुषों द्वारा दिखाए गए मार्ग पर चलेंगे, तो हम प्रभु को अवश्य पा लेंगे।