स्थिरता की तलाश

मई 7, 2022

आज संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने लाइल, इलिनोई, के एस.ओ.एस. इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर में एकत्रित श्रोताओं के आध्यात्मिक प्रश्नों के उत्तर दिए।

यह समझाते हुए कि हम अपने आसपास के आकर्षणों के बावजूद ध्यान कैसे टिका सकते हैं, महाराज जी ने फ़र्माया कि आकर्षण तो चारों ओर हैं। ऐसी कोई जगह नहीं है जो पूरी तरह से शांत और चुपचाप हो। ध्यानाभ्यास, महाराज जी ने समझाया, एक ऐसी प्रक्रिया है जिसमें हमें अपने ध्यान को बाहरी संसार से हटाना होता है। इसका अभ्यास बाहरी आकर्षणों के बीच ही करना और सीखना होता है, क्योंकि ऐसे ही हम अपनी एकाग्रता का विकास कर सकते हैं। हमें अपने आपको प्रशिक्षित करना होगा कि हम वातावरण का असर अपने ऊपर न होने दें, और ऐसा तब होता है जब हम अपने आसपास के वातावरण से ध्यान हटाकर अंतर में ध्यान एकाग्र करने की तकनीक सीखते हैं। फिर हम रोज़ाना और नियमित अभ्यास के द्वारा इस कौशल को और अधिक बढ़ा सकते हैं।