न्यूयॉर्क सिटी के मेयर, ऐरिक एैडम्स ने संत राजिन्दर सिंह जी महाराज का न्यूयॉर्क में स्वागत किया
इस दोपहर, संत राजिन्दर सिंह जी महाराज, उनकी पत्नी माता रीटा जी, और बेटे डॉ. कुँवरजीत सिंह दुग्गल जी को न्यूयॉर्क सिटी के मेयर, ऐरिक ऐडम्स, और उनके वरिष्ठ सलाहकारों से मिलने के लिए न्यूयॉर्क के सिटी हॉल में आमंत्रित किया गया। मेयर ऐडम्स, जोकि न्यूयॉर्क सिटी के निवासियों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए समर्पित हैं, यहाँ के उन बाशिंदों के जीवन में शांति लाने के तरीके खोज रहे हैं जो बहुत ज़्यादा तनाव में रहते हैं, जैसे पुलिसकर्मी, फ़ायर ब्रिगेड कर्मचारी, डॉक्टरी व्यवसाय से जुड़े लोग। वो विद्यार्थियों की एकाग्रता में सुधार लाने और उनके जीवन में शांति व संतुलन लाने के तरीके भी ढूंढ रहे हैं। साथ ही, वो सेवानिवृत्त सैनिकों के जीवन को भी समृद्ध बनाना चाहते हैं जिन्होंने अपने देश की इतनी सेवा की है।
महाराज जी ने बताया कि ध्यानाभ्यास कैसे हमारे शारीरिक, मानसिक, और भावनात्मक स्वास्थ्य में सुधार ला सकता है, तनाव को कम कर सकता है, तथा हमारे जीवन में शांति व संतुलन ला सकता है। इन चीज़ों से हमें अपने दैनिक जीवन की चुनौतियों का सामना करने में बहुत सहायता मिलती है। वहीं इसका अतिरिक्त लाभ यह भी है कि ये हमें अपने अंतर में मौजूद रूहानी ख़ज़ानों से जुड़ने में मदद करता है। इस शक्ति के साथ जुड़ने से हम शांति से भर उठते हैं, और अपने मिलने वालों में भी शांति फैलाते हैं। “शांति की शुरुआत आपके और मेरे साथ होती है,” महाराज जी ने फ़र्माया, “और फिर ये हमारे परिवारों, समुदायों, और पूरे विश्व तक फैल जाती है।”
मेयर ऐडम्स ने सुझाव दिया कि शहर की व्यवस्था और साइंस ऑफ़ स्पिरिच्युएलिटी मिलकर ऐसी परियोजनाओं पर काम करें जो ध्यानाभ्यास से संबंधित हों और शहर में लागू किए जा सकें। फिर मेयर एैडम्स ने संत राजिन्दर सिंह जी को न्यूयॉर्क सिटी मेयर के कार्यालय की ओर से एक सम्मान-पत्र प्रस्तुत किया, जिसमें शहर में उनका स्वागत किया गया था, और ध्यानाभ्यास के द्वारा आंतरिक व बाहरी शांति का प्रसार करने के उनके प्रयासों की प्रशंसा की गई थी।
सम्मान–पत्र: “शाकाहार को बढ़ावा देने वाले न्यूयॉर्क के पहले मेयर होने के नाते, मैं अत्यंत प्रसन्नता के साथ संत राजिन्दर सिंह जी महाराज को इस मिशन में सम्मिलित करता हूँ, तथा मैं शांति व अंतधर्मीय सौहार्द को बढ़ावा देने की, और विभिन्न लोगों को आध्यात्मिक प्रगति की ओर अग्रसर करने की, उनकी प्रतिबद्धता की सराहना करता हूँ।”
संत राजिन्दर सिंह जी ने मेयर को अपनी नवीनतम पुस्तक, ‘डीटॉक्स द माइन्ड’ की हस्ताक्षर की हुई प्रति भेंट की। इस पुस्तक में दैनिक तनावों को कम करने और आंतरिक ख़ुशियों का अनुभव करने के लिए सुझाव, ध्यानाभ्यास, और अन्य तरह के अभ्यास दिए गए हैं। साथ ही महाराज जी ने मेयर को अपनी पुस्तक ‘मेडिटेशन ऐज़ मेडिकेशन फ़ॉर द सोल’ भी भेंट की, जिसमें विशेषज्ञों और चिकित्सकों के शोधों के द्वारा दर्शाया गया है कि ध्यानाभ्यास कैसे हमारे शारीरिक, मानसिक, और आत्मिक स्वास्थ्य में सुधार लाता है।