प्रभु को पाने के लिए चीज़ों को जाने दें

अप्रैल 10, 2022

हम अपने जीवन का अधिकाँश समय संपत्ति, धन, बौद्धिक ज्ञान, प्रसिद्धि, या बेहतर रिश्ते-नाते इकट्ठा करने और संजोने में ही लगा देते हैं – इस आशा में कि इनसे हमें खुशियां मिलेंगी। लेकिन समय के साथ-साथ, जब हम अपने प्रियजनों की मृत्यु देखते हैं, तो हम देखते हैं कि उनके द्वारा एकत्रित की गई सभी चीज़ें यहीं पीछे छूट जाती हैं। मृत्यु के समय इस भौतिक संसार की कोई भी चीज़ हमारे साथ नहीं जाती है। तो हम इन क्षणिक चीज़ों को इकट्ठा करने में समय क्यों बर्बाद करते हैं?

आज के अपने सत्संग में संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने समझाया कि हमें इस भौतिक संसार की चीज़ों को पकड़कर रखना छोड़ देना चाहिए, चाहे लोभ के कारण हो या मोह के कारण। अगर हमें आध्यात्मिक तरक्की करनी है और इस मानव चोले के उद्देश्य को पूरा करना है, तो हमें उन सब चीज़ों को छोड़ना होगा जो हमें संसार में खींच रही हैं। ऐसा करने से हम अपनी ऊर्जा का उपयोग अंदरूनी खज़ानों को पाने में कर सकते हैं। जब हम चीज़ों को छोड़ देते हैं, तो हम आंतरिक रूहानी यात्रा पर जाने के लिए स्वतंत्र हो जाते हैं, और अंतर में प्रभु के प्रेम व प्रकाश के साथ जुड़ जाते हैं।