प्रेम से जियें
अपना दैनिक जीवन जीते हुए हम ऐसी कई चुनौतियों का सामना करते हैं जो हमारे जीवन में हलचल और क्रोध ले आती हैं, चाहे हम उन पर काबू पाने का कितना ही प्रयास क्यों न करें। ये समस्याएँ हमारे घर में, हमारे सहकर्मियों या अन्य लोगों के साथ हमारे रिश्तों में, आ सकती हैं। इन समस्याओं और मुश्किलों के बावजूद हम ख़ुश कैसे रह सकते हैं? ख़ुशी का जीवन पाने की कुंजी है, संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने फ़र्माया, अपने जीवन को प्रेम के साथ जीना।
जब हम एक मुस्कान के साथ दूसरों से मिलते हैं, और उनके साथ प्रेम से बातचीत करते हैं, तो हम किसी भी आपसी समस्या या मुश्किल का सामना आसानी से कर पाते हैं। जब हम ख़ुद को याद दिलाते हैं कि इस जीवन में सबकुछ क्षणभंगुर है, तो हम हम दूसरों के द्वारा पैदा की गई नकारात्मकता या समस्याओं की ओर ध्यान देने में समय नष्ट नहीं करते हैं। सबके साथ चेहरे पर मुस्कान और दिल में प्यार लेकर बात करने से हमारे आसपास सौहार्द और शांति का वातावरण बना रहता है।
प्रभु प्रेम हैं, और हमारी आत्मा, जोकि हमारा सच्चा स्वरूप है, भी प्रेम है क्योंकि वो प्रभु का ही अंश है। जब हम यह जान जाते हैं, तो हम दूसरों को भी अपने ही अंग के रूप में देखने लगते हैं और उनके कार्यों के प्रति अधिक सहनशील हो जाते हैं। ऐसा होने के लिए हमें पहले स्वयं प्रभु के प्रेम का अनुभव करना होगा, और ऐसा तब होता है जब हम ध्यानाभ्यास करते हैं। जो कुछ भी हमें एक प्रेम भरा जीवन बिताने के लिए चाहिए, वो हमारे भीतर ही है।