सबसे अलग तरह का प्रेम

जुलाई 24, 2022

जुलाई के इस चौथे रविवार को, आध्यात्मिक गुरु दिवस के अवसर पर, पूरे विश्व से आए श्रद्धालुगण संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के साथ एक विशेष रविवारीय कार्यक्रम के लिए एकत्रित हुए। हमारे माता-पिता ने, महाराज जी ने फ़र्माया, हमें शारीरिक जन्म दिया है। वे हमारा पालन-पोषण करते हैं, और हमें इस दुनिया के तौर-तरीक़े समझने में मदद करते हैं। उनका प्रेम और त्याग ही हमें वो व्यक्ति बनाता है जो हम बड़े होकर बनते हैं। जहाँ हमारे माता-पिता हमारे शरीर और मन को पोषित करते हैं, वहीं आध्यात्मिक गुरु आत्मा के क्षेत्र में कार्य करते हैं। वे हमारी आत्मा का पोषण करते हैं, और हमें इस बात को समझने में मदद करते हैं कि हम यहाँ क्यों आए हैं। वे हमें वो प्रेम और सहारा देते हैं जो हमें अपने जीवन के उद्देश्य को पूरा करने के लिए चाहिए होता है, तथा हमें इस अनमोल मानव जन्म से पूरा-पूरा लाभ उठाने में मदद करते हैं, ताकि हम वापस प्रभु के साथ एकमेक हो सकें।

आध्यात्मिक गुरु हमारा मार्गदर्शन करते हैं, तथा हमारे ध्यान को इस बाहरी संसार की हलचल व अस्थायित्व से हटाकर आंतरिक रूहानी मंडलों की शांति, स्थिरता, और स्थायित्व के साथ जोड़ देते हैं। हमें ध्यानाभ्यास की तकनीक सिखाकर, वे हमें आंतरिक यात्रा पर ले जाते हैं, और हमें उन सच्चाइयों का अनुभव करने में मदद करते हैं जो हमारी शारीरिक इंद्रियों से परे हैं। उनके मार्गदर्शन में जब हम अपने सच्चे आत्मिक स्वरूप को जान जाते हैं, तो हम प्रभु की बनाई समस्त सृष्टि के साथ अपने संबंध का अनुभव भी करने लगते हैं। आध्यात्मिक गुरु अथक और निस्वार्थ रूप से कार्य करते हुए, अपने पास आने वाले सभी लोगों को बस देते, देते, और देते हैं, तथा उनका उद्देश्य केवल आत्माओं को प्रभु के पास वापस जाने में सहायता करना ही होता है।