आंतरिक मंडलों की सुंदरता
आज संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने आंतरिक मंडलों की सुंदरता के बारे में बताया। आंतरिक मंडल, महाराज जी ने फ़र्माया, प्रेम, प्रकाश, खुशी और सुंदरता से भरपूर हैं। आंतरिक मंडलों में अकल्पनीय रंग, अति सुंदर नज़ारे, और इस भौतिक संसार से कहीं अधिक मधुर संगीत हमारी प्रतीक्षा कर रहा है। जब हम अपने ध्यान को बाहरी संसार से हटाकर, ध्यानाभ्यास के द्वारा आंतरिक मंडलों में एकाग्र करते हैं, तो हम इन दृश्यों और आवाज़ों का अनुभव करने लगते हैं, जो हम उभार देते हैं।
हम प्रभु के प्रेम और प्रकाश से ओत-प्रोत हो जाते हैं, शुद्ध आनंद व खुशियों का अनुभव करने लगते हैं, तथा प्रभु की बनाई सम्पूर्ण सृष्टि की एकता के प्रति जागरूक हो उठते हैं। प्रभु-प्रेम की खुश्बू हर चीज़ को सुंदर बना देती है, और हम जीवन को एक नए दृष्टिकोण से देखने लगते हैं। हम अपने जीवन में प्रभु की उपस्थिति को अनुभव करने लगते हैं और खुशी के साथ जीवन बिताने लगते हैं, यह जानते हुए कि प्रभु हर पल हमारे साथ हैं और हमारा ख़याल रख रहे हैं। ध्यानाभ्यास के द्वारा आंतरिक मंडलों की सुंदरता का अनुभव करने से हमारे अंदर एक ज़बरदस्त बदलाव आ जाता है। आंतरिक मंडलों की सुंदरता हमारा हृदय खोल देती है, और जब हम प्रभु-प्रेम से भरपूर हो जाते हैं, तो हम वो प्रेम दूसरों में भी फैलाने लगते हैं।