दो साल बाद ख़ुशियों भरी घर वापसी

अगस्त 25, 2022

इस दोपहर, वैश्विक लॉकडाउन के बाद पहली बार, दिल्ली में कृपाल बाग़ एक बार फिर से जीवन्त हो उठा था। संत राजिन्दर सिंह जी महाराज के आगमन की प्रतीक्षा में हज़ारों लोग यहाँ एकत्रित हुए थे। पुनर्मिलन का यह भावपूर्ण क्षण आने में दो साल लग गए थे।

उल्लसित जिज्ञासुओं को सम्बोधित करते हुए, महाराज जी ने दिल्ली वापस आने पर प्रसन्नता व्यक्त की। महामारी के दौरान जिन लोगों ने व्यक्तिगत हानि, दुख-दर्द, या मुश्किलें सही हैं, उनके दिलों को ढाढस बँधाते हुए महाराज जी ने समझाया कि ये दुख-दर्द अब हमारे पीछे हैं, और अब हमें सकारात्मकता व आशा के साथ आगे की ओर देखना चाहिए। हमारा जीवन चाहे लंबा हो या छोटा, हमें ख़ुद को मिले इस समय से पूरा-पूरा लाभ उठाना चाहिए। इसके लिए, महाराज जी ने ज़ोर देते हुए फ़र्माया, हमें ध्यानाभ्यास करना होगा। ध्यानाभ्यास के द्वारा हम प्रेम, प्रकाश, व ख़ुशियों से भरपूर जीवन जी सकते हैं। हमें नैतिक जीवन बिताना चाहिए, और उन ख़ामियों को दूर करना चाहिए जो हमें प्रभु की ओर जाने से रोकती हैं। ऐसा जीवन जीने से हम ध्यानाभ्यास के दौरान बेहतर रूप से एकाग्र भी हो पाते हैं।

जब हम ध्यान टिकाते हैं, तो हम बाहरी संसार से ध्यान हटाकर आंतरिक संसार की सुंदरता पर एकाग्र होते हैं। इससे हमें बाहरी संसार के तूफ़ानों का सामना करने में मदद मिलती है, चाहे वो तूफ़ान जो भी हों। यह मानव चोला हमें प्रभु द्वारा दिया गया एक उपहार है, संत राजिन्दर सिंह जी ने समझाया। प्रभु हमारा अतीत, वर्तमान, और भविष्य, सबकुछ जानते हैं, तथा हमें हमेशा वही देते हैं जो हमारे लिए सही होता है। हमें केवल प्रभु में अपने विश्वास को दृढ़ करना है।