प्रेम से कार्य करें
आज संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने समझाया कि हमें अपना हर कार्य ख़ुशी व प्रेम से करना चाहिए। घर पर या कार्यस्थल पर अपने रोज़मर्रा के कार्यों को करते हुए, हम या तो उन्हें नकारात्मकता और मजबूरी के एहसास के साथ कर सकते हैं, या हम हर कार्य को एक सकारात्मक रवैये और प्रेम व मुस्कान के साथ पूरा कर सकते हैं। ऐसा करने से, महाराज जी ने समझाया, हम उस कार्य का आनंद भी ले पायेंगे और हमें बेहतर परिणाम भी मिलेंगे। जबकि मजबूरी में कार्य करने से हमें केवल तनाव और व्यग्रता ही महसूस होगी, तथा इससे हमें शायद सर्वश्रेष्ठ परिणाम भी न मिल पाए। यह जानना ज़रूरी है, महाराज जी ने फ़र्माया, कि तनाव और व्यग्रता उस कार्य से नहीं आते हैं जो हम कर रहे होते हैं; ये तो हम हैं जो निर्णय कर लेते हैं कि हम वो कार्य ख़ुशी व प्रेम से करेंगे, या तनाव व परेशानी के साथ करेंगे। चाहे हमारे ऑफ़िस का कोई प्रौजेक्ट हो या घर का कोई काम हो, जब हम उसे एक प्रेमपूर्ण और सकारात्मक रवैये के साथ करते हैं, तो हम न केवल उस कार्य में लगने वाले समय का आनंद ले पाते हैं, बल्कि सर्वश्रेष्ठ परिणाम को भी सुनिश्चित कर पाते हैं।