हम कौन सी रेस में दौड़ रहे हैं?

हम कौन सी रेस में दौड़ रहे हैं?

हम कौन सी रेस में दौड़ रहे हैं? संत राजिन्दर सिंह जी महाराज क्या आपको ऐसा लगता है कि आपके दिन ऐसे गुज़रते हैं मानो आप एक ट्रैडमिल (व्यायाम की मशीन) पर दौड़ रहे हों और कहीं भी न पहुँच रहे हों? क्या आप दिन के अंत में बहुत अधिक थक जाते हैं, और फिर भी ऐसा महसूस करते हैं कि...
ध्यानाभ्यास के द्वारा क्रोध और तनाव पर काबू कैसे पायें

ध्यानाभ्यास के द्वारा क्रोध और तनाव पर काबू कैसे पायें

ध्यानाभ्यास के द्वारा क्रोध और तनाव पर काबू कैसे पायें संत राजिन्दर सिंह जी महाराज क्रोध और तनाव आज हमारे जीवन के नाटक में अनचाहे किरदारों की तरह जगह बना चुके हैं। यहाँ कुछ व्यवहारिक तरीके दिए गए हैं जिनका इस्तेमाल कर हम इन पर काबू पा सकते हैं। हमें अक्सर ऐसी...
सभी चीज़ों में कुछ न कुछ अच्छा ढूंढ लीजिए

सभी चीज़ों में कुछ न कुछ अच्छा ढूंढ लीजिए

सभी चीज़ों में कुछ न कुछ अच्छा ढूंढ लीजिए संत राजिन्दर सिंह जी महाराज हम अक्सर एक आधे-भरे गिलास को आधा-भरा हुआ नहीं, बल्कि आधा-खाली की नज़र से देखते हैं। किसी भी स्थिति को देखते समय, ज़्यादातर लोग उसके अच्छे पहलू के बजाय उसके बुरे पहलू की ओर ही देखते हैं। लेकिन, यदि हम...
आत्मा बिना शर्त सबसे प्रेम करती है

आत्मा बिना शर्त सबसे प्रेम करती है

आत्मा बिना शर्त सबसे प्रेम करती है संत राजिन्दर सिंह जी महाराज आत्मा बिना शर्त प्रेम करती है। वो कोई भेदभाव, कोई पक्षपात, और कोई अलगाव नहीं जानती। प्रभु हमारी आत्मा से बिना शर्त प्रेम करते हैं। बदले में हम भी उस प्रेम को प्रतिबिंबित कर सकते हैं, और अपने मिलने वालों...
जीवन की चुनौतियों का सामना करना

जीवन की चुनौतियों का सामना करना

जीवन की चुनौतियों का सामना करना संत राजिन्दर सिंह जी महाराज हम सभी ऐसे क्षणों का सामना करते हैं, जो ताकतवर से ताकतवर पुरुषों और स्त्रियों के लिए भी चुनौतीपूर्ण होते हैं। हो सकता है कि हमारे साथ कोई दुर्घटना हो जाए, जो हमें कमज़ोर या असहाय बना दे। हो सकता है कि हमारे...
क्या सांसारिक प्रेम से बढ़कर भी कोई प्रेम है?

क्या सांसारिक प्रेम से बढ़कर भी कोई प्रेम है?

क्या सांसारिक प्रेम से बढ़कर भी कोई प्रेम है? संत राजिन्दर सिंह जी महाराज एक जागृत आत्मा का प्रेम, उसके प्रेम से भरपूर रिश्तों में झलकता है। इस दुनिया में जो प्रेम सबसे महान् माना जाता है, वो है माँ-बाप का अपने बच्चे के लिए प्रेम। अगर हमें अपने माँ-बाप का प्रेम अनुभव...