अपनी आपसी संबंद्धता को पहचानें

अपनी आपसी संबंद्धता को पहचानें

अपनी आपसी संबंद्धता को पहचानें संत राजिन्दर सिंह जी महाराज आगे दिया गया अभ्यास एक उदाहरण है जिसके द्वारा हम समस्त जीवन के साथ अपनी संबंद्धता को, अपने अंदरूनी नाते को, समझ सकते हैं। एक पानी की बूंद की कल्पना कीजिए। मान लीजिए कि उस बूंद के पास से एक नदी गुज़र रही है।...
हमारा सच्चा स्वरूप क्या है?

हमारा सच्चा स्वरूप क्या है?

हमारा सच्चा स्वरूप क्या है? संत राजिन्दर सिंह जी महाराज There are two ways to view ourselves. The first is to view ourselves primarily as a body and mind. When we see ourselves in this manner, we say that we are a mind and body that “have a soul.” The...
अपने अंदर युवावस्था के स्रोत से जुड़ें

अपने अंदर युवावस्था के स्रोत से जुड़ें

अपने अंदर युवावस्था के स्रोत से जुड़ें संत राजिन्दर सिंह जी महाराज जैसे-जैसे हमारी उम्र बढ़ती जाती है और हम वृद्धावस्था के बारे में चिंता करने लगते हैं, तो आज के ज़माने में कई लोग अलग-अलग तरीकों से अपनी युवावस्था कायम रखने की कोशिश करते हैं। वो शारीरिक व्यायाम करते हैं,...
जीवन के दुखों का इलाज

जीवन के दुखों का इलाज

जीवन के दुखों का इलाज संत राजिन्दर सिंह जी महाराज News reports we receive through TV, newspapers, magazines, blogs, the internet, smartphones, tablets, or other devices, always contain breaking news about a catastrophe in some part of the world. There are always...