नम्रता क्या है?

नम्रता क्या है?

नम्रता क्या है? संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 16 दिसम्बर 2020 नम्रता एक ऐसा सद्गुण है जो हमें आध्यात्मिक रूप से विकसित होने में मदद करता है। इसका अर्थ है कि हम दूसरों को अपने से कम न समझें। हम दूसरों के प्रति दयालु व करुणापूर्ण रहें। नम्रता का अर्थ है कि हम दूसरों के...
अंतर में प्रभु का अनुभव करें

अंतर में प्रभु का अनुभव करें

अंतर में प्रभु का अनुभव करें संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 16 जुलाई 2020 रेगिस्तान की रेत के ज़र्रे-ज़र्रे में प्रभु मौजूद हैं। सृष्टि के कण-कण में प्रभु मौजूद हैं। मछलियों में प्रभु हैं। कीड़े-मकौड़ों में प्रभु हैं। पशु-पक्षियों में प्रभु हैं। प्रत्येक इंसान के अंदर प्रभु...
धरती को वापस लौटाना

धरती को वापस लौटाना

धरती को वापस लौटाना संत राजिन्दर सिंह जी महाराज अपने ग्रह को वापस लौटाने का अर्थ है कि जब हम उससे भोजन लें, तो हम भूमि का सही रख-रखाव करें, ताकि वो हमेशा हमें भोजन देती रही। इसका अर्थ है कि जब हम एक पेड़ काटें, तो उसकी जगह दूसरा अवश्य लगायें। इसका अर्थ है कि जब हम धरती...
अपने ध्यानाभ्यास के समय को धीरे-धीरे बढ़ायें

अपने ध्यानाभ्यास के समय को धीरे-धीरे बढ़ायें

अपने ध्यानाभ्यास के समय को धीरे-धीरे बढ़ायें संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 4 जुलाई 2018 ध्यानाभ्यास के द्वारा हम अपनी आत्मा की शक्ति के साथ जुड़ सकते हैं। ज़्यादातर लोग इसकी शक्ति को महसूस किए बिना ही जीते रहते हैं। सभी ख़ज़ाने, जैसे ज्ञान, प्रेम, निर्भयता, संबद्धता, और...
ध्यानाभ्यास गहन निराशा से कैसे लड़ सकता है

ध्यानाभ्यास गहन निराशा से कैसे लड़ सकता है

ध्यानाभ्यास गहन निराशा से कैसे लड़ सकता है संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 29 सितम्बर 2018 विश्व भर में लाखों लोग गहन निराशा या अवसाद से पीड़ित हैं। इससे हमारी शारीरिक और मानसिक, दोनों तरह की सेहत पर असर पड़ता है। मानसिक चिकित्सकों से इलाज करवाने के साथ-साथ, ध्यानाभ्यास भी...
फ़ादर्स डे

फ़ादर्स डे

फ़ादर्स डे संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 21 जून 2020 मैं दुनिया के सभी पिताओं को फ़ादर्स डे (पिता दिवस) की शुभकामनाएँ देता हूँ। इस दिन हम अपने पिता को विशेष सम्मान और धन्यवाद देते हैं। फ़ादर्स डे का अर्थ काफ़ी विस्तृत है, जिसमें पिता, दादा या नाना, पड़दादा या पड़नाना, सब आ...