आध्यात्मिक प्रेम का जादू

आध्यात्मिक प्रेम का जादू

आध्यात्मिक प्रेम का जादू संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 5 जुलाई 2020 आध्यात्मिक जीवन जीने का अर्थ है आध्यात्मिक प्रेम से भरपूर जीवन जीना। अध्यात्म कोई ठंडा, सूखा विषय नहीं है, जिसका अध्ययन किया जाए या जो रटा जाए। यह कोई कठोर ध्यानाभ्यास का मार्ग नहीं है जिसमें हम ख़ुद को...
ध्यानाभ्यास सरल है

ध्यानाभ्यास सरल है

ध्यानाभ्यास सरल है संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 30 जून 2020 ध्यानाभ्यास सरल है। महान आध्यात्मिक गुरु, संत कृपाल सिंह जी महाराज, फ़र्माते थे कि यह एक दराज बंद करने और दूसरी खोलने के समान है। ध्यानाभ्यास के समय, हम संसार संबंधी विचारों को और अपनी समस्याओं को एक दराज में...
प्रभु-प्रेम का महासागर

प्रभु-प्रेम का महासागर

प्रभु-प्रेम का महासागर संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 5 मई 2020 जब हम प्रभु के शुद्ध़, शीशे की तरह साफ़, महासागर में तैरते हैं, तो हम अपने सच्चे अस्तित्व या आत्मा का प्रतिबिंब देख पाते हैं। उसे धुंधला करने के लिए कोई मिट्टी या गंदगी नहीं होती है। हम महासागर की गहराई में...
दोनों दुनियाओं का आनंद लेना

दोनों दुनियाओं का आनंद लेना

दोनों दुनियाओं का आनंद लेना संत राजिन्दर सिंह जी महाराज पश्चिमी देशों में कई लोगों को यह गलतफ़हमी है कि जो लोग प्रभु की तलाश करते हैं, उन्हें अपना घर और समाज छोड़ना पड़ता है तथा जंगलों में या पहाड़ों पर जाकर रहना पड़ता है। शायद अतीत में ऐसा संभव होता हो, जब हमारी आर्थिक...
मदर्स डे

मदर्स डे

मदर्स डे संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 12 मई 2019 मैं संसार के सभी लोगों को मदर्स डे की बधाई देता हूँ। इस विशेष दिन की शुरुआत अमेरिका में हुई, ताकि लोग अपनी माँओं का सम्मान कर सकें। यह दिन प्रत्येक मई के दूसरे रविवार को मनाया जाता है। लेकिन मदर्स डे साल में एक बार ही...
त्यौहार के उपहार के रूप में दयालुता फैलायें

त्यौहार के उपहार के रूप में दयालुता फैलायें

त्यौहार के उपहार के रूप में दयालुता फैलायें – संत राजिन्दर सिंह जी महाराज 12 दिसम्बर 2018 जहाँ लोग त्यौहार के लिए दुकानों में या ऑनलाइन उपहार ख़रीदते हैं, वहीं एक ऐसा उपहार भी है जो मुफ़्त में दिया जा सकता है और जो स्थाई असर भी छोड़ता है। एक अनमोल उपहार जो हम दे...